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| Dev Classes Ratio & Proportion |
अनुपात (Ratio) :- सजातीय राशियों के सम्बन्ध को उनका अनुपात कहा जाता है ।
अनुपात से इस बात का पता चलता है कि एक राशि के इतना होने पर दूसरी राशि कितने होगी, पहली और दूसरी राशि के इतना होने पर तीसरी राशि कितनी होगी ।
अनुपात और समानुपात कैसे निकालते हैं? अनुपात वाले सवाल कैसे करते हैं? तृतीय अनुपात क्या है? विततानुपात क्या होता है?
अनुपात के बारे में याद रखने योग्य बातें :-
- अनुपात का कोई मात्रक नहीं होता हैक्योकि ये सामान राशि के होते है ।
- यह अनुपात के प्रत्येक संख्या में किसी एक ही संख्या से गुणा किया जाए तो उसके मन में कोई अंतर नहीं पड़ता है।
- धनात्मक अनुपात को सरल अनुपात में बदलने के लिए हरो की लाश आग से प्रत्येक में गुणा कर देते हैं।
* अनुपात के प्रकार *
अनुपात के विभिन्न प्रकार होते हैं :-
- अनुलोम अनुपात
- प्रतिलोम अनुपात
- मिश्रित अनुपात
- वर्गानुपात
- आधानुपात
- तिहरानुपात
- तिहाईनुपात
अनुपात समानुपात के सूत्र अनुपात समानुपात हिंदी में अनुपात और अनुपात सूत्रों पीडीएफ अनुपात समानुपात कक्षा 6
अनुपात समानुपात कक्षा 7 अनुपात का फार्मूला अनुपात in English अनुपात की परिभाषा
अनुलोम अनुपात :- दो राशियां इस प्रकार एक दूसरे से संबंधित हो, कि एक के बढ़ने पर दूसरी भी बड़े और एक के घटने पर दूसरी भी घटे तो दोनों राशियों के बीच अनुलोम अनुपात होता है।
प्रतिलोम अनुपात :- दो राशियां एक दूसरे से इस प्रकार संबंधित हों, कि एक को बढ़ाने पर दूसरी घटे अथवा एक को घटाने पर दूसरी बढ़े तो दोनों में प्रतिलोम अनुपात होगा।
मिश्रित अनुपात :- मिश्रित अनुपात दो या दो से अधिक अनुपातों के प्रथम पदों का गुणनफल और द्वितीय पदों के गुणनफल में अनुपात होगा उसे मिश्रित अनुपात कहा जाता है ।
वर्गानुपात :- किसी अनुपात के प्रत्येक पदों के वर्गों से बना अनुपात वर्ग अनुपात होता है।
आधानुपात :- किसी अनुपात के प्रत्येक पदों के वर्गमूल में जो अनुपात होता है उसे आधा अनुपात कहते हैं।
तिहरानुपात :- किसी अनुपात के प्रत्येक पद के घनों से बना अनुपात तिहरा अनुपात कहलाता है।
तिहाई अनुपात :- किसी अनुपात के प्रत्येक पद के घनमूलों से बना अनुपात तिहाई अनुपात कहलाता है।
समानुपात :- यदि अनुपात परस्पर समान हो तो उनके चारों पर समानुपाती कहलाते हैं ।
विततानुपात :- यदि तीन राशियां इस प्रकार हों, कि पहली राशि : दूसरी राशि = दूसरी राशि : तीसरी राशि तो तीनों में विततानुपात होता है। जैसे 2:4 = 4:8 इसको सांकेतिक भाषा में a:b = b:c के रूप में लिख सकते हैं जहां b2=ac यहां b को मध्यानुपाती कहते हैं ।

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